शनिवार, 11 फ़रवरी 2017

बेटी का एक खत......माँ के नाम


मेरे आने का अहसास,
उसके लिए था बहुत ही खास|
सबसे पहले उसने ही पहचाना,
मेरे आने की आहट को जाना।
जब मैं इस दुनिया में आयी,
सबने अपनी-अपनी कह सुनायी।
परन्तु,
वो माँ ही थी जो मुझे देख,
खुशी से फूली न समायी।
उसके आँचल की गरमाहट,
जीवन का सबसे खुशनुमा अहसास।
उसकी आवाज की नरमी,
मेरे लिए है सबसे प्यारा उपहार।
अब रो देती हूँ, तो परेशान हो जाती है माँ
जब हँस देती हूँ तो खुश हो जाती है माँ।
मेरी हर नादानी पर बस हँस देती है माँ।
चाहे कितनी भी परेशान हो, कुछ नहीं बताती है माँ।
कुछ और ना देना चाहे मुझको,
हर जन्म देना यही माँ मुझको।